रिपोर्ट आशीष सैनी
रुड़की।(नील धारा) कृष्णा नगर स्थित श्रीराम पार्क में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव में मंगलवार को भगवान श्रीराम को अयोध्या वापस लाने के लिए सुमंत जी के प्रयास, महाराज दशरथ के निधन और भरत जी की अयोध्या वापसी के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंचन में दिखाया गया कि मंत्री सुमंत जी भगवान श्रीराम को वापस अयोध्या लाने का प्रयास करते हैं, लेकिन पिता के वचन का पालन करते हुए प्रभु श्रीराम वनवास जारी रखते हैं। पुत्र वियोग में महाराज दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं। वहीं, भरत जी की अयोध्या वापसी के प्रसंग में उनके त्याग, समर्पण और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिविल लाइंस, रुड़की के पार्षद आकाश जैन जी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्काईमैप फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की चेयरमैन शिप्रा सिंह जी ने शिरकत की। अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। रामलीला के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और भाईचारे का संदेश दिया गया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की।
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