सम्पादक बिक्रमजीत सिंह
हरिद्वार। (नील धारा) कर्मचारी की मौत के बाद कंपनी के गेट पर बैठे परिजनों की आंखों में आंसू हैं और जुबां पर एक ही सवाल—आखिर समय पर इलाज क्यों नहीं मिला? परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और न्याय की मांग की है।परिजनों के अनुसार मृतक पिछले करीब पांच वर्षों से Genius Power Infrastructure Limited में कार्यरत था। 13 अगस्त 2026 को कंपनी के कार्य से जाते समय वह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार का आरोप है कि यदि उसे समय रहते उचित और प्रभावी उपचार मिल जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।मृतक की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि “हमारा घर चलाने वाला सिर्फ वही था।” परिवार का आरोप है कि अब कमाने वाले सदस्य के चले जाने से रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है।मृतक के परिजन कंपनी के गेट पर बैठकर प्रबंधन से तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि अपने बेटे की मौत के मामले में न्याय और जिम्मेदारी तय होने की भी उम्मीद है।फिलहाल कंपनी प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।





