नील धारा ब्यूरो
हरिद्वार/रूडकी, 28 जुलाई। (नील धारा) हरिद्वार जिले की रुड़की तहसील अंतर्गत ग्राम भनेड़ा टांडा और ज्वालापुर क्षेत्र से जुड़ा एक गंभीर राशन फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने जिला पूर्ति अधिकारी, हरिद्वार के समक्ष एक शिकायती पत्र प्रस्तुत कर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और राशन डीलरों की मिलीभगत से चल रहे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि बिना दस्तावेजों के सहारे उनकी पत्नी के नाम से एक अन्य राशन कार्ड सक्रिय कर दिया गया है, जिसके कारण उनका वास्तविक राशन कार्ड पिछले एक वर्ष से बंद है।शिकायतकर्ता के अनुसार, ज्वालापुर के मोहल्ला कैतवाड़ा निवासी बाबर खान ने जिला पूर्ति अधिकारी, हरिद्वार के समक्ष एक शिकायती पत्र प्रस्तुत कर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और राशन डीलरों के बीच चल रहे एक बड़े फर्जीवाडे का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी के नाम से बिना दस्तावेज बने राशन कार्ड में एक अस्तित्वहीन बेटे का नाम दर्ज किया गया और फर्जी राशन कार्ड चालू करके उनका वास्तविक राशन एक साल से बंद कर दिया गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि वह विगत करीब 22 वर्षों से अपने परिवार के साथ मोहल्ला कैतवाड़ा, ज्वालापुर में निवास कर रहे हैं। उनकी पत्नी के नाम से मूल राशन 27 जून 2016 से ज्वालापुर स्थित राशन डीलर साधु सिंह की दुकान पर सुचारू रूप से संचालित था। इससे पूर्व भी राशन कार्ड पीड़ित के स्वयं के नाम से इसी दुकान पर संचालित हो रहा था।लगभग एक वर्ष पूर्व राशन डीलर साधु सिंह द्वारा पीड़ित परिवार को राशन देना अचानक बंद कर दिया गया। कई महीनों तक राशन न मिलने का कारण पूछने पर राशन डीलर ने जानकारी दी कि तहसील रुड़की के ग्राम टांडा भनेड़ा स्थित राशन डीलर मुरसलीन की दुकान पर पीड़ित की पत्नी के नाम से एक अन्य राशन कार्ड सक्रिय दर्शाया गया है, जिसके कारण ज्वालापुर वाला मूल राशन कार्ड बंद कर दिया गया है।इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर और चौंकाने वाला विषय यह है कि पीड़ित का ‘रवि’ नाम का कोई पुत्र है ही नहीं, इसके बावजूद राशन डीलर मुरसलीन की दुकान पर संचालित फर्जी राशन कार्ड में पीड़ित का एक बेटा ‘रवि’ नाम से दर्ज दिखाया गया है। यद्यपि पीड़ित लगभग 27 वर्ष पूर्व रुड़की के ग्राम टांडा भनेड़ा में निवासरत रहे थे, परंतु उन्होंने या उनकी पत्नी ने कभी भी वहां राशन डीलर मुरसलीन की दुकान से राशन प्राप्त नहीं किया और न ही राशन कार्ड बनवाने हेतु कोई आवेदन या दस्तावेज जमा किए थे। यह तथ्य पूरी तरह से प्रमाणित करता है कि अज्ञात आपराधिक षड्यंत्र के तहत अधिकारियों और राशन डीलर ने बिना दस्तावेजों के सत्यापन के राशन कार्ड बना दिया है।पीड़ित ने जिला पूर्ति अधिकारी से मामले की त्वरित एवं पारदर्शी जांच की गुहार लगाई है। शिकायती पत्र के माध्यम से दोषी राशन डीलर मुरसलीन और राशन कार्ड जारी करने वाले पूर्ति अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने, मूल राशन कार्ड को ज्वालापुर में पुनः बहाल करने और पिछले एक वर्ष के बकाए राशन का तुरंत भुगतान कराने की मांग की गई है। फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह किसी संगठित फर्जीवाड़े का हिस्सा है या फिर विभाग की कोई बड़ी लापरवाही या शिकायतकर्ता ने मिथ्या आरोप ।





