बिक्रमजीत सिंह
देहरादून। (नील धारा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कथित देह व्यापार के मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संस्कृति लोक कॉलोनी स्थित एक मकान में छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री, दवाइयां और 3,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मकान में कथित रूप से अनैतिक देह व्यापार संचालित किए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। सूचना मिलने पर पुलिस ने की छापेमारीपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को संस्कृति लोक कॉलोनी की लेन नंबर-1 स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए पुलिस टीम ने मकान में छापेमारी की।पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष मिले, जबकि दूसरे कमरे में दो अन्य महिलाएं मौजूद थीं। पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री, दवाइयां और 3,500 रुपये नकद बरामद किए गए। फोन और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करने का आरोपपुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अजमीरा नाम की महिला ने मकान किराये पर लिया था। आरोप है कि वह फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करती थी। पुलिस के अनुसार, महिलाओं की तस्वीरें भेजकर ग्राहकों की पसंद के आधार पर व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है।जांच के दौरान दूसरे जिलों और राज्यों से भी महिलाओं को बुलाए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे मामले के नेटवर्क की जांच कर रही है। चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्जपुलिस ने इस मामले में अजमीरा (42), शेख अजीजल (30), रजनी (25) और अन्नू (23) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अजमीरा और शेख अजीजल संस्कृति लोक कॉलोनी के ब्राह्मणवाला क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। वहीं, रजनी का संबंध ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर और अन्नू का हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र से बताया गया है।पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांचपुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। बरामद सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है और इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई।





