बड़ी खबर…..हरिद्वार में इंसानियत शर्मसार! कूड़े के ढेर में मिली सात दिन की मासूम बच्ची, समाजसेवी वंदना गुप्ता ने बचाई जान…..

रिपोर्ट बिक्रमजीत सिंह

हरिद्वार (नील धारा) हरिद्वार में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। भगत सिंह चौक के समीप कूड़े के ढेर में करीब सात दिन की एक नवजात बच्ची रोती-बिलखती मिली। कूड़े के बीच पड़ी इस मासूम की आवाज सुनकर राहगीरों का ध्यान उसकी ओर गया। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो वहां एक नवजात बच्ची पड़ी हुई थी। इतनी कम उम्र की बच्ची को इस हालत में देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। घटना ने एक बार फिर समाज में नवजात बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रोने की आवाज सुनकर रुके राहगीर

जानकारी के अनुसार, भगत सिंह चौक के पास कूड़े के ढेर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर राहगीर रुक गए और उन्होंने आसपास देखा। इसी दौरान कूड़े के बीच नवजात बच्ची दिखाई दी। बच्ची की हालत देखकर लोगों ने तत्काल उसकी मदद करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों के बीच इस बात को लेकर चिंता थी कि आखिर इतनी छोटी बच्ची को इस तरह कौन छोड़ गया।

समाजसेवी वंदना गुप्ता ने दिखाई मानवता

घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी वंदना गुप्ता ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को गोद में उठाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे भर्ती कराकर उसकी देखभाल की जा रही है।समय पर बच्ची को लोगों की नजर में आने और उसे अस्पताल पहुंचाए जाने से उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सके। इस घटना में समाजसेवी वंदना गुप्ता की भूमिका को मानवीय संवेदना और मदद की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

बच्ची के माता-पिता की पहचान में जुटी पुलिस

कोतवाली प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी के मुताबिक, नवजात बच्ची के माता-पिता कौन हैं और उसे कूड़े के ढेर में किसने छोड़ा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, ताकि बच्ची को इस हालत में छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।फिलहाल बच्ची की देखभाल अस्पताल में की जा रही है। उसकी पहचान, परिजनों और उसे वहां छोड़ने के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है।

आखिर इतनी छोटी बच्ची को कूड़े में किसने छोड़ा

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस उम्र में एक नवजात को मां की गोद, परिवार की देखभाल और सुरक्षा की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस उम्र में उसे कूड़े के ढेर में छोड़ देना बेहद चिंताजनक है। हालांकि, बच्ची को वहां छोड़ने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।हरिद्वार में सामने आई इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे यह पता चल सके कि मासूम बच्ची को वहां कौन छोड़कर गया और उसके परिजन कौन हैं।

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