सम्पादक बिक्रमजीत सिंह
हरिद्वार। (नील धारा) भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आह्वान पर किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आयोजित इस आंदोलन के तहत हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में किसान तीन दिन तक दिन-रात धरने पर डटे रहे। धरने के अंतिम दिन किसानों ने एडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड के नाम ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया।ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने कृषि ट्यूबवेलों के लिए अन्य प्रदेशों की तर्ज पर मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, घरेलू सोलर योजना में सब्सिडी शुरू करने तथा गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य निर्धारित करने की मांग की। इसके अलावा पहाड़ के किसानों की समस्याओं के समाधान, चकबंदी प्रक्रिया में तेजी लाने और जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को राहत दिलाने की भी मांग उठाई गई।


किसानों ने अपनी कृषि उपज की उचित बिक्री व्यवस्था सुनिश्चित करने, सिंचाई शुल्क से संबंधित शासनादेश जारी करने तथा वन गुर्जरों की विभिन्न समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग भी की। किसान नेताओं का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।भाकियू टिकैत के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करता आ रहा है। तीन दिवसीय धरने के माध्यम से सरकार का ध्यान किसानों की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया है। मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर किसानों की प्रमुख मांगों से सरकार को अवगत कराया गया है।उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगी। किसानों की समस्याओं को अब और अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सुभा सिंह ढिल्लों ने कहा कि किसानों की मांगें केवल किसी एक जिले तक सीमित नहीं हैं,


बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों से जुड़ी हुई हैं। सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका शीघ्र समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन आगे भी मजबूती के साथ आंदोलन करेंगे। किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।भाकियू टिकैत के हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को सरकार के सामने प्रमुखता से रखा है।

किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया है।उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होना चाहिए। यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) किसानों के हित में आगे भी आंदोलन जारी रखेगी।किसान नेताओं ने सरकार से किसानों की सभी प्रमुख मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो पूरे उत्तराखंड में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।ज्ञापन सौंपने के बाद किसानों ने अपना तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन साथ ही स्पष्ट कर दिया कि किसानों की मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।धरना-प्रदर्शन में पंकज चौधरी, राजकुमार, अशोक, हर्ष शर्मा, विक्रांत, नईम, गुरपेज सिंह, हरविंद्र सिंह, आकाश सचदेवा, हैप्पी घुमन, शेर सिंह, गुरमेल बाजवा, अमीर सिंह, रवि कुमार, सतीश कुमार, कालूराम, प्रदीप कुमार, शिवम चौधरी, नीलू कुमार, वेदपाल और सुखराम पाल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।





