रिपोर्ट आशीष सैनी
हरिद्वार।( नील धारा) शिक्षा केवल ज्ञान देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। इसी भावना को अपने कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ा रहे सरस्वती गोचर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाडली, हरिद्वार के असिस्टेंट प्रोफेसर, वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद् मो. इसरार को शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षक रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। इंडिपेंडेंट इंडिया ओनर फाउंडेशन की ओर से मो. इसरार को सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इस दौरान फाउंडेशन की ओर से उनके शैक्षिक एवं सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। धीरमजरा निवासी मो. इसरार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े हुए हैं। उनके योगदान को देखते हुए फाउंडेशन द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद मो. इसरार ने फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव के साथ-साथ एक नई जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। मो. इसरार को सम्मान मिलने पर क्षेत्र के स्थानीय लोगों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, समाज के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव की भावना के साथ मिला यह सम्मान मो. इसरार के प्रयासों को एक नई पहचान देने वाला अवसर बनकर सामने आया है।





